Founder’s Message
A vision of dedication, values, and commitment towards building a strong foundation for quality education.
Founder's Message
Inspiring words from the leadership guiding our institution
Message from the Founder
जिस भारत वर्ष के उज्जवल इतिहास में अपने माता-पिता के लिये सर्वोच्च उत्सर्ग करने की भावना तत्कालीन शिक्षा के द्वारा प्राप्त होती थी, उसी जगत गुरु भारत वर्ष के आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा से शिक्षित बच्चे अपने माता-पिता के ऋण को भूल जाते हैं। अपने अंधे माता-पिता को कंधे पर कांवड़ में बिठाकर समस्त भारत के तीर्थों में भ्रमण कराने वाले श्रवण कुमार तथा पिता की आज्ञा से सर्वसंपन्न राज्य को त्याग कर स्वेच्छा से वनवासी बनने वाले श्रीराम की आत्माएं आज के इस भयंकर अधोगति की ओर ले जाने वाली शिक्षा के प्रभाव को देखकर कितने कष्ट का अनुभव कर रही होंगी। माता अनुसुइया, सीता, सावित्री आदि ने विश्व में जो आदर्श उपस्थित किया, उसके कारण आज उनका नाम हजारों वर्ष बाद श्रद्धा से याद किया जाता है।
आज हम अपनी मौलिक सभ्यता में वृद्धि के बजाय पाश्चात्य सभ्यता का अंधानुकरण कर रहे हैं। हमें चाहिए कि अतीत को न भूलें। भारत का जगत गुरु कहलाना सार्थक तभी हो सकता है जबकि हम अपनी सभ्यता के प्रकाश से विश्व को आलोकित कर सकें। इतिहासकारों का मत है कि प्राचीन काल में विदेशों से छात्र यहां आकर अध्यात्मवाद तथा ज्ञान गरिमा का संदेश अपने देशों में ले जाते थे। इस प्रकार भारत से सुख शांति का संदेश सर्वत्र फैलता था।
मुझे प्रसन्नता है कि मेरे कर्तव्य मेरी निष्ठा एवं सेवा की पुनीत भूमि यह संस्था है। इसके माध्यम से मेरे उन युवक/युवतियों के चिन्तन-मनन का अवसर प्राप्त होगा जिनके सुकुमार कंधों पर स्वयं संभलने का ही दायित्व नहीं वरन् उन असंख्य साधन-हीन लोगों को भी संभालने का भार है, जिन्हें निर्धनता एवं साधनाभाव उच्च शिक्षा से वंचित रखता है।
मैं चाहता हूँ कि चरित्र को उन्नत बनाने वाली शिक्षाचार और सदाचार की शिक्षा स्कूलों व कॉलेजों में अनिवार्य रूप से दी जाये। इन्हीं भावनाओं को हृदय में संजोकर शिक्षा विद् कुँवर उदयवीर सिंह (पूर्व विधायक) एवं समाजसेवी श्री रामसनेही सिंह के चरणोपहार उनकी पुण्य-स्मृति में "कुँवर उदयवीर सिंह रामसनेही सिंह मेमोरियल डिग्री कॉलेज सथरा-धर्मपुर" की स्थापना की गई है।
मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि संस्था उनके त्यागमय जीवन एवं श्रम निष्ठा की गाथा मुखर करती हुई निरन्तर प्रगति का परिचय देती रहेगी।
— आज़ाद सिंह यादव
सचिव प्रबन्ध समिति
Empowering students through education, discipline, and vision.
